Dew Point and Condensation

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ओस-बिंदु (Dew Point) क्या है

फ़ाइबर लेज़र मशीनें पानी से ठंडी की जाती हैं और बहुत कम परिवेशी तापमान, संघनन (condensation) तथा अति-तापन के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। इसलिए जब फ़ाइबर लेज़र उपकरण बहुत अधिक या बहुत कम तापमान, अथवा अत्यधिक नमी वाले वातावरण में संचालित हों, तो कई महत्वपूर्ण नियमों का पालन आवश्यक है।

ओस-बिंदु वह तापमान है जिस पर जलवाष्प (water vapor) संघनित होने लगती है और सतह पर बूँदें बनती हैं: हवा की नमी संघनित होकर सतहों पर दृश्यमान परत बनाती है।

जैसे ही शीतलक (coolant) का तापमान ओस-बिंदु से नीचे जाता है, विद्युत एवं ऑप्टिकल मॉड्यूल्स पर नमी प्रकट हो जाती है।

फ़ाइबर लेज़रों के लिए ओस-बिंदु की सीमाएँ कई कारकों पर निर्भर करती हैं: परिवेशी तापमान, सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity), दबाव और ऑप्टिकल सतहों की गुणवत्ता।

संचालन की परिस्थितियाँ

  • लेज़र सिस्टम को परिवेशी तापमान +15 °C से कम नहीं और +25 °C से अधिक नहीं पर संचालित होना चाहिए।
  • यदि तापमान +35 °C से ऊपर जा सकता हो, तो मशीन को वातानुकूलित कक्ष में स्थापित करें।
  • सापेक्ष आर्द्रता 50 % से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • 2000 W से अधिक शक्ति वाले लेज़र सोर्स को वातानुकूलित कक्ष में रखा जाना चाहिए।

उच्च आर्द्रता समस्याएँ पैदा कर सकती है: ऑप्टिकल गुणों का ह्रास या corrosion। संघनन से ऑप्टिकल लेंसों को गंभीर क्षति हो सकती है।

संघनन के परिणाम

  1. शीतलक का तापमान परिवेशी ओस-बिंदु से नीचे होने पर cutting head की भीतरी दीवार तथा ऑप्टिकल लेंसों पर condensate बनता है।
  2. परिवेशी ओस-बिंदु से कम तापमान वाली assist gas का प्रयोग ऑप्टिकल लेंसों पर तीव्र संघनन उत्पन्न करता है।
  3. ओस-बिंदु ऑप्टिकल फ़ाइबर की सतह पर या उसके cladding के अंदर भी प्राप्त हो सकता है। Condensate (ओस) बनने से लेज़र का प्रदर्शन गिरता है तथा उसकी दक्षता और सेवा-अवधि घटती है।

संघनन रोकने के उपाय

संघनन को रोकने और ओस-बिंदु के नकारात्मक प्रभावों से लेज़र की रक्षा के लिए निम्न उपाय अपनाएँ:

  1. लेज़र को नियंत्रित वातावरण में, कम सापेक्ष आर्द्रता पर स्थापित करें।
  2. लेज़र को बाहरी वातावरण से इंसुलेट करें।
  3. केवल मूल लेंसें खरीदें जिन पर anti-condensation coating लगी हो।
  4. विद्युत कैबिनेट को वातानुकूलित करें।
  5. लेज़र के अंदर की अनुकूलतम तापमान बनाए रखने के लिए cooling systems का प्रयोग करें।
  6. ऑप्टिकल सतहों का नियमित रखरखाव और सफ़ाई करें, ताकि धूल व अन्य संदूषक न जमें जो ओस-बिंदु निर्माण में सहायक होते हैं।
  7. ऊष्मा उत्पादन कम करने के लिए लेज़र प्रक्रिया के अनुकूलतम पैरामीटर (power तथा frequency) चुनें। अतिरिक्त मार्गदर्शन के लिए लेज़र निर्माता या ऑप्टिक्स विशेषज्ञ से सम्पर्क करें।
  8. लेज़र के कार्यक्षेत्र में सापेक्ष आर्द्रता 40–60 % के बीच बनाए रखें।
  9. लेज़र या इसके ऑप्टिकल मार्ग पर हीटिंग एलिमेंट लगाएँ, अथवा विशेष हीटर का प्रयोग करें — इससे ओस-बिंदु बनने से रोकने के लिए पर्याप्त तापमान बना रहता है।
  10. लेज़र और परिवेश के बीच तापमान के अंतर को न्यूनतम रखें: लेज़र को उसके enclosure के भीतर रखें या आसपास की परिस्थितियों को नियंत्रित करें।
  11. cooling system की निरंतर निगरानी करें — अति-तापन और संघनन रोकने के लिए यह सही ढंग से कार्य करना चाहिए।
  12. आवश्यकता हो तो आर्द्रता नियंत्रण हेतु अतिरिक्त filters और humidification/dehumidification उपकरण लगाएँ।

मापन और अनुशंसित मान

ओस-बिंदु की गणना विभिन्न सूत्रों और विधियों से की जा सकती है। सटीक मानों के लिए विशेष उपकरणों — hygrometers या dew-point sensors — का प्रयोग करें।

फ़ाइबर लेज़र मशीनों में ओस-बिंदु का नियंत्रण स्थिर संचालन और उच्च प्रदर्शन के लिए अनिवार्य है। मान प्रक्रिया और सामग्री के अनुसार बदलते हैं; सामान्यतः अनुशंसित परास −10 °C से +5 °C के बीच रखी जाती है।

गणना का उदाहरण

यदि फ़ाइबर लेज़र मशीनें ग़लत तापमान या आर्द्रता पर commissioned होती हैं, तो (अपेक्षाकृत ठंडे) coolant की ट्यूबिंग पर condensate बन सकता है। इससे laser source और/या cutting head को सीधी और अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है।

संघनन रोकने हेतु coolant का तापमान ओस-बिंदु से काफ़ी ऊपर बना रहना चाहिए। इसलिए chiller को कभी भी अन्य उपकरणों के बहुत निकट न रखें और सुनिश्चित करें कि परिवेशी वायु अच्छी तरह वातानुकूलित हो।

उदाहरण: +29 °C तापमान और 60 % सापेक्ष आर्द्रता पर ओस-बिंदु लगभग +21 °C होता है। अतः संघनन रोकने के लिए coolant का तापमान +21 °C से काफ़ी अधिक (व्यवहार में +23…+25 °C) रखा जाना चाहिए।